अरविंद केजरीवाल ने विवेक तिवारी की हत्या को धर्म से जोड़ा तो मृतक की पत्नी ने लगाई लताड़

Vivek Tiwari’s widow Kalpana snubs on Delhi Cm Kejariwal over his tweet about religion of deceased

नई दिल्लीः लखनऊ में मारे गए एपल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी का जहां आज अंतिम संस्कार किया गया वहीं उनकी मौत पर राजनीति गर्म हो चली है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करते हुए ट्वीट किया था कि विवेक तिवारी तो हिंदू था तो उसको इन्होंने क्यों मारा. इस पर अब विेवेक तिवारी की पत्नी ने करारा जवाब दिया है.

केजरीवाल को तीखा जवाब देते हुए विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने कहा है कि दिल्ली के सीएम को ऐसा ट्वीट नहीं करना चाहिए था. वो नहीं जानते कि मैं किन हालातों से गुजर रही हूं, मेरे पति की मौत पर किसी तरह की राजनीति नहीं खेली जानी चाहिए, कृप्या हर बात को विश्वास और धर्म से न जोड़ें.

इसके अलावा बीजेपी पर आरोप लगाते हुए अपने ट्वीट में केजरीवाल ने ये भी लिखा था कि भाजपा के नेता पूरे देश में हिंदू लड़कियों का रेप करते घूमते हैं? अपनी आँखों से पर्दा हटाइए. भाजपा हिंदुओं की हितैषी नहीं है. सत्ता पाने के लिए अगर इन्हें सारे हिंदुओं का क़त्ल करना पड़े तो ये दो मिनट नहीं सोचेंगे.

 

शनिवार को लखनऊ के गोमतीनगर इलाके के नजदीक एपल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी को यूपी पुलिस के कॉन्स्टेबल प्रशांत ने उस समय गोली मार दी थी जब उन्होंने कथित तौर पर पुलिस के कहने के बावजूद गाड़ी नहीं रोकी. उनके साथ जा रही महिला सहयोगी के एफआईआर दर्ज कराने के बाद कल देर शाम दो कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया.

 

इस मामले पर जहां यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर जरूरत होगी तो इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाएगी. वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने योगी आदित्यनाथ से इस बारे में बात की है और मामले में कारगर कदम उठाने के लिए कहा है. हालांकि पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) गठित कर दी है. आदित्यनाथ ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

विवेक तिवारी हत्याकांड में एसआईटी ने जांच शुरू भी कर दी है. एसआईटी के चीफ़ आईजी सुजीत पांडे ने दल-बल के साथ मौका-ए-वारदात का दौरा कर तस्वीरें और सैंपल भी इकट्ठा किए. आईजी के दौरे के समय फारेंसिक एक्सपर्ट भी मौजूद रहे. आईजी का कहना है कि अगर एसआईटी की जांच में कुछ सामने आता है तो आगे सीबीआई जांच के लिए अपील की जाएगी.

क्या है पूरी घटना?
शुक्रवार शाम एपल कंपनी का बड़ा इवेंट था. कंपनी के दो फोन भारत में लॉन्च किए गए थे. ये फोन शाम छह बजे से बाजार में बेचे जाने शुरु हुए थे. विवेक तिवारी एपल कंपनी के एरिया मैनेजर थे. उनके लिए ये बहुत बड़ा मौका था. वे रात में देर से ऑफिस से निकले. उनके साथ उनकी सहकर्मी सना भी थीं. वे सना को उसके घर छोड़ने के बाद अपने घर जाने वाले थे.

करीब डेढ़ बजे उन्होंने अपनी पत्नी से बात की उन्हें बताया कि फोन लॉचिंग की वजह से ऑफिस में देर हो गयी, इसीलिए वो अपनी सहकर्मी सना को घर छोड़ते हुए लौटेंगे. गोमतीनगर इलाके में अचानक दो पुलिसवालों ने उन्हें रोका, जिनमें से एक प्रशांत था.

प्रशांत ही वो सिपाही है जिसने गोली चलाई. आरोपी सिपाही के मुताबिक विवेक तिवारी ने बार-बार उस पर गाड़ी चढ़ाई इसलिए उसने पिस्टल निकाली लेकिन उस वक्त गाड़ी में मौजूद सना का बयान बिलकुल अलग है. आरोपी पुलिसवालों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं. लेकिन इस घटना ने पुलिस को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है.