अगस्त के मुकाबले सितंबर में पेट्रोल-डीजल के दाम दोगुना बढ़े, कई इलाकों में 92 के पार पेट्रोल

Petrol diesel price Hike in August September

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत हर रोज अपना ही रिकॉर्ड तोड़ रही है. फिलहाल कीमतों पर नियंत्रण की भी उम्मीद नहीं दिख रही. यानी आने वाले दिनों में आम लोगों को और अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी. आज की ही बात करें तो पेट्रोल की कीमत में नौ पैसे तो वहीं डीजल की कीमत में 16 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी देखी गई.

इस पूरे महीने (सितंबर) की बात करें तो करीब-करीब हर दिन पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी हुई है. सितंबर में पेट्रोल का दाम चार रुपये 81 पैसे बढ़ाया गया. जो अगस्त के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है. अगस्त में एक लीटर पेट्रोल पर दो रुपये 21 पैसे का इजाफा किया गया था. वहीं जुलाई में 76 पैसे बढ़ाए गए थे.

एक सितंबर को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 78 रुपये 68 पैसे थी. तो आज इसकी कीमत 83 रुपये 49 पैसे है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो शहर में आज एक लीटर 90 रुपये 75 पैसे की दर से बिक रहा है. महाराष्ट्र के कई इलाकों में पेट्रोल 92 रुपये प्रति लीटर के दर से बिक रहा है.

डीजल
डीजल की कीमतों में भी जुलाई और अगस्त के मुकाबले सितंबर में अधिक बढ़ोतरी देखी गई. एक लीटर डीजल की कीमत पर सितंबर में चार रुपये 37 पैसे, अगस्त में दो रुपये 39 पैसे और जुलाई में 44 पैसे का इजाफा किया गया. आज दिल्ली में एक लीटर डीजल 74 रुपये 79 पैसे प्रति लीटर की दर से बिक रहा है.

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उथल-पुथल है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम 83 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है, जो पिछले चार साल का उच्चतम स्तर पर है. भारत में तेल का दाम अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम से तय होता है

डीजल की कीमत बढ़ने की वजह से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है. इसकी बड़ी वजह ट्रांसपोर्ट में डीजल का इस्तेमाल होना है. कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साध रही है. साथ ही कांग्रेस की मांग है कि पेट्रोल डीजल पर लगने वाले टैक्स को मोदी सरकार कम करे और इसे जीएसटी के दायरे में लाये.

पार्टी का दावा है कि इस कदम से पेट्रोल-डीजल की कीमत करीब आधी हो जाएगी. कल ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ”साहेब (मोदी) का कमाल देखो. राफेल का घोटाला देखो. रुपये की टेढ़ी चाल देखो. तेल में उछाल देखो.”